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खरगे के बयान को क्या बहुत सोच समझकर मुद्दा बनाया है भाजपा ने ?

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खरगे के बयान को क्या बहुत सोच समझकर मुद्दा बनाया है भाजपा ने ?       कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आजादी के लिए कुर्बानी वाला बयान देकर आजादी के इतिहास में बीजेपी की भूमिका पर जो सवाल खड़े किए हैं उससे कांग्रेस के गड़े मुर्दे ही उखाड़े जायेंगे। सब से पहले खरगे और कांग्रेस को यह बताना पड़ेगा कि क्या 1947 के पहले बीजेपी या जनसंघ नाम का कोई राजनीति दल था। फिर यह भी सवाल उठेगा कि यदि नहीं था तो जिन लोगों ने आर एस एस की स्थापना की वे क्या कर रहे थे स्वतंत्रता संग्राम के दौरान ? क्या 27 सितंबर  1925 में दशमी के दिन आर एस एस संगठन का गठन करने वाले डा केशवराव बलिराम हेडगेवार का कांग्रेस और आजादी के आंदोलन से कोई लेना देना था या नहीं ? आखिरकार 17 दिसंबर 1928 को सांडर्स की हत्या के बाद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव फरारी के दौरान डा हेडगेवार के पास ही क्यों पहुंचे थे ?  फिर डा हेडगेवार ने उनको भय्या की ढाणी के यहां रुकवाया था।  भगत सिंह राजगुरु और सुखदेव क्यों महात्मा गांधी, मोती लाल नेहरू, जवाहर लाल नेहरू आदि पर भरोसा नहीं कर पा रहे थे ? इससे आजादी के आंद...

ईनाम ईनाम ईनाम**मुँह माँगा ईनाम**(1) आज़ादी के लिए फाँसी पर चढ़ने वाले किसी भी तीन कांग्रेसी का नाम बताए????**(2) भारत माता की जय* *वंदे मातरम*

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*ईनाम ईनाम ईनाम* *मुँह माँगा ईनाम* *(1) आज़ादी के लिए फाँसी पर चढ़ने वाले किसी भी तीन कांग्रेसी का नाम बताए????* *(2) भारत माता की जय*  *वंदे मातरम* *या*  *फिर हिन्दुस्तान जिंदाबाद बोलते हुए!*  *नेहरू गांधी खानदान की एक भी वीडियो बताये* *(3) धर्मान्तरण का विरोध करते हुए कांग्रेस का एक भी कार्यक्रम..* *(4) लवजिहाद का विरोध करते हुए कांग्रेस का एक भी कार्यक्रम..* *(5) गौहत्या का विरोध करते हुए कांग्रेस का कोई भी कार्यक्रम...*   *(6) रोहिंग्या बांग्लादेशी की घुसपैठ का विरोध करते हुए कोंग्रेस का कोई कार्यक्रम.....*    *(7) आंतकवादी द्वारा मारे गए किसी हिन्दु की मौत का मातम मनाते हुए कोंग्रेस का कोई कार्यक्रम....* *अगर कांग्रेस इन मुख्य चीजों में शामिल नहीं हैं तो हम हिन्दू और देश प्रेमी इन्हें वोट क्यों देते आ रहें हैंं?* *पूछता हैं भारत* सभी साथियों को जय श्री राम🙏

#बचपन से ही एक कथा सुनते आ रहे हैं कि....#एक बिच्छू जल में छटपटा रहा था और एक महात्मा उसे बचा रहे थे...!

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#बचपन से ही एक कथा सुनते आ रहे हैं कि....# एक बिच्छू जल में छटपटा रहा था और एक महात्मा उसे बचा रहे थे...! लेकिन, जैसे ही महात्मा उसे उठाते थे... बिच्छू उन्हें डंक मार कर काट लेता था. ये देख कर... लोगों ने महात्मा को समझाया कि.... महात्मा... ऐसे जीव को क्यों बचाना, जो खुद को बचाने वाले को ही काट रहा है ??? जाने दो न...! लेकिन, ये सुनते ही महात्मा जी पर "महात्मागीरी" हावी हो गई... और, वे कहने लगे...  "जब यह छोटा सा जीव अपना स्वभाव नहीं छोड़ता...  तो, फिर मैं क्यों छोड़ दूँ ???" 'पंचतंत्र' में इतनी कथा के बाद विराम लग गया...!  पर, असलियत में ये कथा आगे भी चलती रही. लोगों ने उस नदी वाली बात को भुला दिया....  पर, महात्मा अपनी "महात्मागीरी" में लगे रहे... और, ढेरों बिच्छू बचा बचा कर अपने इर्द-गिर्द जमा कर लिए ... चूंकि, बिच्छुओं की प्रजनन दर भी बहुत तेज थी तो जल्द ही हर तरफ बिच्छू ही बिच्छू नजर आने लगे. अब वे सारे बिच्छू.... जो पहले सिर्फ छूने पर ही डंक मारते थे, अब, बिना छुए ही खुद से पहल कर महात्मा को "काटने" लगे. यहाँ तक कि... उन्ह...

पूरा मत पढ़ना वर्ना आपके अंदर का शेखूलर मर जाएगा दीदी पढ़ाई-लिखाई में खूब होशियार थी।दीदी को कई किताबें मुँहजुबानी याद थी।दीदी ने खूब सारा इतिहास पढ़ रखा था।

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पूरा मत पढ़ना वर्ना आपके अंदर का शेखूलर मर जाएगा  दीदी पढ़ाई-लिखाई में खूब होशियार थी। दीदी को कई किताबें मुँहजुबानी याद थी। दीदी ने खूब सारा इतिहास पढ़ रखा था। दीदी की नसों में खून नहीं  Secularism बहता था। दीदी को सभी धर्म एक ही लगते थे। दीदी को अपने भगवानों पर भरोसा नहीं था। दीदी भी सोचती थी कि भगवान ने तो सबको इंसान बनाया है, फिर ये हिन्दू-मुस्लिम किसने किया? दीदी हर जगह topper थी इसलिये उन्हें लगता था कि उन्होंने सब कुछ जान लिया है। फिर जब दीदी IAS की परीक्षा में भी top मार गयी तब दीदी 'अपुन ही ब्रह्म' वाली अवस्था प्राप्त कर गयी। दीदी का Secularism उबाल मारने लगा। दीदी को भी मुस्लिम समाज वर्षों से उत्पीड़ित और राजनीति का शिकार लगता था। 'सच्चा मुसलमान कभी भरोसा नहीं तोड़ सकता' दीदी भी यही सोचती थी। फिर दीदी ने खूब बड़े समारोह का आयोजन करके एक मुस्लिम IAS अधिकारी 'अतहर' से निकाह कर लिया। निकाह के बाद दीदी ने अपने नाम के साथ गर्व से 'खान' जोड़ लिया। दीदी का मन तृप्त नहीं हुआ अतः दीदी ने अपने biodata में 'कश्मीरी मुस्लिम' जोड़ दिया। निकाह के बाद दीदी को...

"ईश्वर अल्लाह सब एक है।" ऐसा 'एक बुजुर्ग' नें बताया था।उस 'बुजुर्ग' ने नारा दिया हुआ था,"ईश्वर अल्लाह तेरो नाम, सबको सन्मति दे भगवान।

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"ईश्वर अल्लाह सब एक है।"  ऐसा 'एक बुजुर्ग' नें बताया था। उस 'बुजुर्ग' ने नारा दिया हुआ था, "ईश्वर अल्लाह तेरो नाम,  सबको सन्मति दे भगवान।" मैने सोचा चलो इस बार तीर्थ यात्रा नही करते मक्का-मदीना चलते है। तीर्थ भी हो जायगा और घूमना भी। मै रजिस्ट्रेशन करवाने गया। मेरा नाम सुनते ही विंडो वाला चौक गया और बोला, "भाई आप हज पर नही जा सकते!" मैने पूछा, "नहीं जा सकते? क्यों भाई?"  "अलाऊ नहीं है।"  उसने बताया मैने पूछा ''क्यों भाई अलाऊ क्यों नहीं है? मै हिंदू हूँ और ईश्वर अल्लाह तो एक ही है और सबके है भाई।" वो बोला "तेरे को ऐसा किसने बोला?" मैने सीना चौड़ाकर कहा, ''बापू ने'' वो बोला "तुम्हारा दिमाग खराब हो गया है क्या?  घूमने के लिये इतनी जगह पड़ी है और तुम वहाँ जाना चाहते है जहाँ अलाऊ ही नहीं है। वहाँ केवल 'अल्लाह के बन्दे'  ही जा सकते है।" मै निराश हो, भारी मन से घर आ गया और उस नकली गाने और नकली भाईचारे की प्रतियों को चूल्हे में डाल ताप लिया और जोर से नारा लगाया, ...

*गुमनाम सेनानी* इतिहास के पन्नों में कहाँ हैं ये नाम??**सेठ रामदास जी गुड़वाले

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*गुमनाम सेनानी* *इतिहास के पन्नों में कहाँ हैं ये नाम??* *सेठ रामदास जी गुड़वाले -* *1857 के महान क्रांतिकारी,* *दानवीर जिन्हें फांसी पर* *चढ़ाने से पहले अंग्रेजों* *ने उन पर शिकारी कुत्ते छोड़े* *जिन्होंने जीवित ही उनके शरीर को नोच खाया!*  सेठ रामदास जी गुडवाला दिल्ली के अरबपति सेठ, बेंकर थे, इनका जन्म दिल्ली में एक अग्रवाल परिवार में हुआ था,  इनके परिवार ने दिल्ली में पहली कपड़े की मिल की स्थापना की थी! उनकी अमीरी की एक कहावत थी *“रामदास जी गुड़वाले के पास इतना सोना चांदी जवाहरात है की उनकी दीवारो से वो गंगा जी का पानी भी रोक सकते है”* जब 1857 में मेरठ से आरम्भ होकर क्रांति की चिंगारी जब दिल्ली पहुँच,  तो दिल्ली से अंग्रेजों की हार के बाद अनेक रियासतों की भारतीय सेनाओं ने दिल्ली में डेरा डाल दिया। उनके भोजन, वेतन की समस्या पैदा हो गई! रामजीदास गुड़वाले बादशाह के गहरे मित्र थे!  रामदास जी को बादशाह की यह अवस्था देखी नहीं गई!  उन्होंने अपनी करोड़ों की सम्पत्ति बादशाह के हवाले कर दी,  *"मातृभूमि की रक्षा होगी* *तो धन फिर कमा लिया* *जायेगा "* रामज...

लव जिहाद के 24 केस। आप को याद दिलाने के लिए :

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वैदिक घड़ी◆ 12:00 बजने के स्थान पर *आदित्या:* लिखा हुआ है, जिसका अर्थ यह है कि सूर्य 12 प्रकार के होते हैं...

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वैदिक घड़ी ◆ 12:00 बजने के स्थान पर *आदित्या:* लिखा हुआ है, जिसका अर्थ यह है कि सूर्य 12 प्रकार के होते हैं... अंशुमान, अर्यमन, इंद्र, त्वष्टा, धातु, पर्जन्य, पूषा, भग, मित्र, वरुण, विवस्वान और विष्णु ◆ 1:00 बजने के स्थान पर *ब्रह्म:* लिखा हुआ है, इसका अर्थ यह है कि ब्रह्म एक ही प्रकार का होता है। एको ब्रह्म द्वितीयो नास्ति ◆ 2:00 बजने की स्थान पर *अश्विनौ:* लिखा हुआ है जिसका तात्पर्य यह है कि अश्विनी कुमार दो हैं। ◆ 3:00 बजने के स्थान पर *त्रिगुणा:* लिखा हुआ है, जिसका तात्पर्य यह है कि गुण तीन प्रकार के हैं। सतोगुण, रजोगुण और तमोगुण। ◆ 4:00 बजने के स्थान पर *चतुर्वेदा:* लिखा हुआ है, जिसका तात्पर्य यह है कि वेद चार प्रकार के होते हैं। ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद। ◆ 5:00 बजने के स्थान पर *पंचप्राणा:* लिखा हुआ है, जिसका तात्पर्य है कि प्राण पांच प्रकार के होते हैं। अपान, समान, प्राण, उदान और व्यान ◆ 6:00 बजने के स्थान पर *षड्र्सा:* लिखा हुआ है, इसका तात्पर्य है कि रस 6 प्रकार के होते हैं। मधुर, अमल, लवण, कटु, तिक्त और कसाय ◆ 7:00 बजे के स्थान पर *सप्तर्षय:* लिखा हुआ है इसका तात्प...

एक बार लक्ष्मण जी ने तीर्थ यात्रा जाने के लिए श्री राम जी से प्रार्थना करने लगे । श्री राम जी ने यात्रा करने के लिए आज्ञा दे दी ।

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तीर्थ यात्रा  एक बार लक्ष्मण जी ने तीर्थ यात्रा जाने के लिए श्री राम जी से प्रार्थना करने लगे । श्री राम जी ने यात्रा करने के लिए आज्ञा दे दी । आज्ञा देने के बाद श्री राम जी मुस्कराने लगे । लक्ष्मण जी ने कहा— भगवन ! दास से कौन सी त्रुटि हो गयी, जिसके कारण आप मुस्करा रहे हैं । श्री राम जी ने कहा:— लक्ष्मण ! समय आने पर खुद ही आप समझ जायेंगे । लक्ष्मण जी तीर्थ यात्रा जाने के लिए तैयारी करने लगे । गुरू देव श्री वसिष्ठ जी ने यात्रा का महूर्त श्रावण शुक्ल पक्ष पंचमी का निकाला । महूर्त के अनुसार सूर्योदय के पहले प्रस्थान करना था । लक्ष्मण जी को तैयारी करते करते रात्रि के दो बज गये । लक्ष्मण जी सोंचने लगे आज प्रात: पाँच बजे यात्रा करनी है । यदि अब विश्राम करूँगा तो बिलम्ब होगा । अब ब्रह्म महूर्त भी होने वाला है। अत: पहले जाकर श्री सरयू जी का स्नान कर लें । ऐसा निश्चय करके स्नान करने के लिए लक्ष्मण जी सरयू के किनारे पधारे। वहाँ बहुत प्रकाश हो रहा था । राज घाट पर हजारों राजा महराजा स्नान कर रहे थे और संध्या करके आकाश मार्ग से चले जा रहे थे । लक्ष्मण जी सोंचने लगे। कोई राम नवमी का...

बन्दरों_की_ज़िद एक बार कुछ वैज्ञानिकों ने एक बड़ा ही मजेदार प्रयोग किया। उन्होंने 5 बन्दरों को एक बड़े से पिंजरे में बन्द कर दिया और बीचो-बीच एक सीढ़ी लगा दी जिसके ऊपर पके केले लटक रहे थे.

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# बन्दर...! # बन्दरों_की_ज़िद एक बार कुछ वैज्ञानिकों ने एक बड़ा ही मजेदार प्रयोग किया। उन्होंने 5 बन्दरों को एक बड़े से पिंजरे में बन्द कर दिया और बीचो-बीच एक सीढ़ी लगा दी जिसके ऊपर पके केले लटक रहे थे। जैसा कि अनुमान था, एक बन्दर की नज़र केलों पर पड़ी, वह उन्हें खाने के लिए दौड़ा, पर जैसे ही उसने कुछ सीढ़ियां चढ़ी उस पर ठण्डे पानी की तेज धार डाल दी गयी और उसे उतर कर भागना पड़ा।  पर वैज्ञानिक यहीं नहीं रुके, उन्होंने एक बन्दर के किये गए प्रयास की सजा बाकी बन्दरों को भी दे डाली और सभी को ठण्डे पानी से भिगो दिया।   बेचारे बन्दर हक्के-बक्के एक कोने में दुबक कर बैठ गए, पर वे कब तक बैठे रहते, कुछ समय बाद एक दूसरे बन्दर को केले खाने का मन किया.और वो उछलता कूदता सीढ़ी की तरफ दौड़ा। अभी उसने चढ़ना शुरू ही किया था कि पानी की तेज धार से उसे नीचे गिरा दिया गया।      और इस बार भी इस बन्दर की गलती की सज़ा बाकी बन्दरों को भी दी गयी यानि सबको फिर ठंडे पानी से भिगाया गया। एक बार फिर बेचारे बन्दर सहमे हुए एक जगह बैठ गए। थोड़ी देर बाद जब तीसरा बन्दर केलों को खाने के लिए लपका तो एक अजीब घटना हुई...

क्या देवता की परिभाषा वही है जो हम आम बोलचाल की भाषा में जानते हैं ???

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आज से लगभग महीने दो महीने पहले मेरे एक दोस्त की बहन की शादी फाइनल होने वाली थी. तो, मेरे मित्र ने मुझे उस परिवार के बारे में पता लगाने में मदद करने को कहा. इसके बाद जब मैंने उस परिवार के बारे में पता लगाया तो हर जगह से लगभग एक ही जबाब मिला कि... उनके पिता जी तो बहुत ही भले और सीधे सादे हैं... समझ लो कि "देवता आदमी" हैं. इतने पॉजिटिव रिस्पॉन्स मिलने के बाद शादी फाइनल हो गई और अब इसी महीने 21 नवंबर को मित्र के बहन की शादी है. कहने का मतलब है कि... हमलोगों के दिमाग में ये बैठा हुआ है कि... जो सीधा सादा और भोला-भाला आदमी है... वो "देवता आदमी" है. लेकिन, क्या देवता की परिभाषा वही है जो हम आम बोलचाल की भाषा में जानते हैं ??? शायद... सारी समस्या का जड़ इसी "देवता आदमी है" की परिभाषा में छुपा है. क्योंकि... हमारे कोई भी देव इतने सीधे सादे और भोले भाले तो हरगिज नहीं थे. जैसे कि उदाहरण के तौर पर कल की कटेशर आफताब वाली घटना को ही ले लेते हैं...  कि, उस कटेशर ने ... श्रद्धा नामक लड़की को 35 टुकड़ों में काट कर उसके टुकड़ों को जंगल में बिखेर दिया. ये और कुछ नहीं बल्कि... सी...

श्री राम नाम की महिमा

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 श्री राम नाम की महिमा # लंकापति रावण के वध के बाद जब अयोध्यापति प्रभु श्री राम की कीर्ति दूर-दूर तक फैल रही थी और वह मर्यादा पुरूषोतम कहलाने लगे थे।  तब एक दिन महादेव शिव की इच्छा भी मर्यादा पुरूषोतम श्रीराम से मिलने की हुई। पार्वती जी को संग लेकर महादेव कैलाश पर्वत से उतर कर अयोध्या नगरी के रास्ते पर चल पड़े।  भगवान शिव और मां पार्वती को अयोध्या आया देखकर श्री सीताराम जी बहुत खुश हुए। माता जानकी ने उनका उचित आदर सत्कार किया और स्वयं भोजन बनाने के लिए रसोई में चली गई। इस बीच भगवान शिव ने श्री राम जी से पूछाः-"आपके सेवक हनुमानजी दिखाई नहीं पड़ रहे हैं।" श्री राम बोलेः- "वे बगीचे में हैं।"  शिवजी ने श्रीराम जी से बगीचे में जाने की अनुमति मांगी और पार्वती जी का हाथ थाम कर बगीचे में आ गए। बगीचे की खूबसूरती देख कर उनका मन मोहित हो गया। आम के एक घने वृक्ष के नीचे हनुमान जी दीन-दुनियां से बेखबर गहरी नींद में सोए थे और एक लय में खर्राटों से राम नाम की ध्वनि उठ रही थी।  चकित होकर शिव जी और माता पार्वती एक दूसरे की ओर देखने लगे। माता पार्वती मुस्करा उठी और वृक्ष की डालिय...

इस्लाम के प्रति महापुरुषों के विचार।

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*इस्लाम के प्रति महापुरुषों के विचार।।* *स्वामी विवेकानंद* *ऐसा कोई अन्य मजहब नहीं जिसने इतना अधिक रक्तपात किया हो और अन्य के लिए इतना क्रूर हो। इनके अनुसार जो कुरान को नहीं मानता कत्ल कर दिया जाना चाहिए। उसको मारना उस पर दया करना है। जन्नत (जहां हूरें और अन्य सभी प्रकार की विलासिता सामग्री है) पाने का निश्चित तरीका गैर ईमान वालों को मारना है। इस्लाम द्वारा किया गया रक्तपात इसी विश्वास के कारण हुआ है।* *गुरु नानक देव* *मुसलमान सैय्यद, शेख, मुगल पठान आदि सभी बहुत निर्दयी हो गए हैं। जो लोग मुसलमान नहीं बनते थे उनके शरीर में कीलें ठोककर एवं कुत्तों से नुचवाकर मरवा दिया जाता था।* *महर्षि दयानन्द सरस्वती* *इस मजहब में अल्लाह और रसूल के वास्ते संसार को लुटवाना और लूट के माल में खुदा को हिस्सेदार बनाना शबाब का काम है। जो मुसलमान नहीं बनते उन लोगों को मारना और बदले में बहिश्त को पाना आदि पक्षपात की बातें ईश्वर की नहीं हो सकती। श्रेष्ठ गैर मुसलमानों से शत्रुता और दुष्ट मुसलमानों से मित्रता, जन्नत में अनेक औरतों और लौंडे होना आदि निन्दित उपदेश कुएं में डालने योग्य हैं। अनेक स्त्रियों...

हनुमान जी और अंगद जी दोनों ही समुद्र लाँघने में सक्षम थे, फिर पहले हनुमान जी लंका क्यों गए?

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हनुमान जी और अंगद जी दोनों ही समुद्र लाँघने में सक्षम थे, फिर पहले हनुमान जी लंका क्यों गए? "अंगद कहइ जाउँ मैं पारा। जियँ संसय कछु फिरती बारा॥" अंगद जी बुद्धि और बल में बाली के समान ही थे! समुद्र के उस पार जाना भी उनके लिए बिल्कुल सरल था। किन्तु वह कहते हैं कि लौटने में मुझे संसय है। कौन सा संसय था लौटने में? बालि के पुत्र अंगद जी और रावण का पुत्र अक्षय कुमार दोनों एक ही गुरु के यहाँ शिक्षा प्राप्त कर रहे थे। अंगद बहुत ही बलशाली थे और थोड़े से शैतान भी थे। वो प्रायः अक्षय कुमार को थप्पड़ मार देते थे जिससे की वह मूर्छित हो जाता था। अक्षय कुमार बार बार रोता हुआ गुरुजी के पास जाता और अंगद जी की शिकायत करता, एक दिन गुरुजी ने क्रोधित होकर अंगद को श्राप दे दिया कि अब यदि अक्षय कुमार पर तुमने हाथ उठाया तो तुम उसी क्षण मृत्यु को प्राप्त हो जाओगे। अगंद जी को यही संसय था कि कंही लंका में उनका सामना अक्षय कुमार से हो गया तो श्राप के कारण गड़बड़ हो सकती है, इसलिए उन्होंने पहले हनुमान जी से जाने को कहा। और ये बात रावण भी जानता था, इसलिए जब राक्षसों ने रावण को बताया बड़ा भारी वानर आ...

जीवन में तोता मत बनो - तोता बोलता है - बहुत ज्यादा। लेकिन ऊंची उड़ान नहीं भर सकते। लेकिन एक चील चुप है, और उसमें आकाश को छूने की इच्छा शक्ति है - ये है 7 मानसिकता। कि हम एक चील से सीख सकते हैं।

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आकाश का राजा।                           ईगल मानसिकता। https://pplx.ai/vmplenterp35281 जीवन में तोता मत बनो - तोता बोलता है - बहुत ज्यादा। लेकिन ऊंची उड़ान नहीं भर सकते। लेकिन एक चील चुप है, और उसमें आकाश को छूने की इच्छा शक्ति है - ये है 7 मानसिकता। कि हम एक चील से सीख सकते हैं। 1.  चील अधिक ऊंचाई पर अकेले उड़ते हैं, चील गौरैया के साथ नहीं उड़ते, दूसरों को छोटे-छोटे पक्षियों को चीरते हैं। संकीर्ण सोच वाले लोगों से दूर रहें, जो आपको नीचा दिखाते हैं। चील चील के साथ उड़ती है। एक कहावत है जो इस प्रकार है। आप जिन लोगों के साथ घूमते हैं, वे अंततः यह निर्धारित करेंगे कि आप किस व्यक्ति के साथ अच्छी संगति रखते हैं। 2. ईगल्स के पास दृष्टि होती है कि वे 5 किमी दूर तक किसी चीज़ पर ध्यान केंद्रित करने की क्षमता रखते हैं। कोई फर्क नहीं पड़ता कि बाज कितनी भी बाधाओं से अपना ध्यान शिकार से तब तक नहीं हटाएगा जब तक कि वह उसे पकड़ नहीं लेता है एक दृष्टि रखें और अपने जीवन में केंद्रित रहें, चाहे आप कितनी भी बाधाओं और चुनौतियों...

#JusticeForAnkita

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दुमका की अंकिता! जोल्हा शाहरुख हुसैन इसके पीछे तीन साल से पड़ा हुआ था... कई बार घर में घुसने की कोशिश किया था.. और हर बार इनके पिता जी द्वारा मामला को समझा बुझा के निपटा देते थे। जोल्हे का हौसला बढ़ते गया और एक दिन (हफ्ता आस पास पहले) घर में सो रही अंकिता के ऊपर पेट्रोल डाल कर आग लगा दिया..  जिसमें अंकिता बुरी तरह झुलस गई... इन्हें दुमका के अस्पताल में भर्ती किया गया। जहां इनसे मिलने जा रहे लोगों से बस एक ही बात कहती थी कि, "भैया मैं मर तो नहीं जाऊंगी न ??" और आज अंकिता अस्पताल में अंतिम सांस ली।। ये शाहरुख जैसे तुचियों का क्या इलाज है ???  इनके मनोबल दिन प्रतिदिन क्यों बढ़ते जा रहे हैं ?? और हम ऐसी घटनाओं के बाद भी बेबस क्यों होते जा रहे हैं ??  सोती हुई लड़की को घर में घुसकर जिंदा जला दिया दहशत में 10-20-50 परिवार घर छोड़ कर भाग जाएंगे कब्जाए हुए इलाका बढ़कर और दो गुना हो जाएगा ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~ शाहरुख एक बेटी की हत्या करके भी बेहयाई से मुस्करा लेता है क्योंकि उसको पता है, लिबरल गैंग अंकिता की दर्दनाक हत्या पर मौन रहेगा.  तथाकथित धर्मनिरपेक्ष पत्रकारों और...