Posts

Showing posts from December, 2022

खरगे के बयान को क्या बहुत सोच समझकर मुद्दा बनाया है भाजपा ने ?

Image
खरगे के बयान को क्या बहुत सोच समझकर मुद्दा बनाया है भाजपा ने ?       कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आजादी के लिए कुर्बानी वाला बयान देकर आजादी के इतिहास में बीजेपी की भूमिका पर जो सवाल खड़े किए हैं उससे कांग्रेस के गड़े मुर्दे ही उखाड़े जायेंगे। सब से पहले खरगे और कांग्रेस को यह बताना पड़ेगा कि क्या 1947 के पहले बीजेपी या जनसंघ नाम का कोई राजनीति दल था। फिर यह भी सवाल उठेगा कि यदि नहीं था तो जिन लोगों ने आर एस एस की स्थापना की वे क्या कर रहे थे स्वतंत्रता संग्राम के दौरान ? क्या 27 सितंबर  1925 में दशमी के दिन आर एस एस संगठन का गठन करने वाले डा केशवराव बलिराम हेडगेवार का कांग्रेस और आजादी के आंदोलन से कोई लेना देना था या नहीं ? आखिरकार 17 दिसंबर 1928 को सांडर्स की हत्या के बाद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव फरारी के दौरान डा हेडगेवार के पास ही क्यों पहुंचे थे ?  फिर डा हेडगेवार ने उनको भय्या की ढाणी के यहां रुकवाया था।  भगत सिंह राजगुरु और सुखदेव क्यों महात्मा गांधी, मोती लाल नेहरू, जवाहर लाल नेहरू आदि पर भरोसा नहीं कर पा रहे थे ? इससे आजादी के आंद...

ईनाम ईनाम ईनाम**मुँह माँगा ईनाम**(1) आज़ादी के लिए फाँसी पर चढ़ने वाले किसी भी तीन कांग्रेसी का नाम बताए????**(2) भारत माता की जय* *वंदे मातरम*

Image
*ईनाम ईनाम ईनाम* *मुँह माँगा ईनाम* *(1) आज़ादी के लिए फाँसी पर चढ़ने वाले किसी भी तीन कांग्रेसी का नाम बताए????* *(2) भारत माता की जय*  *वंदे मातरम* *या*  *फिर हिन्दुस्तान जिंदाबाद बोलते हुए!*  *नेहरू गांधी खानदान की एक भी वीडियो बताये* *(3) धर्मान्तरण का विरोध करते हुए कांग्रेस का एक भी कार्यक्रम..* *(4) लवजिहाद का विरोध करते हुए कांग्रेस का एक भी कार्यक्रम..* *(5) गौहत्या का विरोध करते हुए कांग्रेस का कोई भी कार्यक्रम...*   *(6) रोहिंग्या बांग्लादेशी की घुसपैठ का विरोध करते हुए कोंग्रेस का कोई कार्यक्रम.....*    *(7) आंतकवादी द्वारा मारे गए किसी हिन्दु की मौत का मातम मनाते हुए कोंग्रेस का कोई कार्यक्रम....* *अगर कांग्रेस इन मुख्य चीजों में शामिल नहीं हैं तो हम हिन्दू और देश प्रेमी इन्हें वोट क्यों देते आ रहें हैंं?* *पूछता हैं भारत* सभी साथियों को जय श्री राम🙏

#बचपन से ही एक कथा सुनते आ रहे हैं कि....#एक बिच्छू जल में छटपटा रहा था और एक महात्मा उसे बचा रहे थे...!

Image
#बचपन से ही एक कथा सुनते आ रहे हैं कि....# एक बिच्छू जल में छटपटा रहा था और एक महात्मा उसे बचा रहे थे...! लेकिन, जैसे ही महात्मा उसे उठाते थे... बिच्छू उन्हें डंक मार कर काट लेता था. ये देख कर... लोगों ने महात्मा को समझाया कि.... महात्मा... ऐसे जीव को क्यों बचाना, जो खुद को बचाने वाले को ही काट रहा है ??? जाने दो न...! लेकिन, ये सुनते ही महात्मा जी पर "महात्मागीरी" हावी हो गई... और, वे कहने लगे...  "जब यह छोटा सा जीव अपना स्वभाव नहीं छोड़ता...  तो, फिर मैं क्यों छोड़ दूँ ???" 'पंचतंत्र' में इतनी कथा के बाद विराम लग गया...!  पर, असलियत में ये कथा आगे भी चलती रही. लोगों ने उस नदी वाली बात को भुला दिया....  पर, महात्मा अपनी "महात्मागीरी" में लगे रहे... और, ढेरों बिच्छू बचा बचा कर अपने इर्द-गिर्द जमा कर लिए ... चूंकि, बिच्छुओं की प्रजनन दर भी बहुत तेज थी तो जल्द ही हर तरफ बिच्छू ही बिच्छू नजर आने लगे. अब वे सारे बिच्छू.... जो पहले सिर्फ छूने पर ही डंक मारते थे, अब, बिना छुए ही खुद से पहल कर महात्मा को "काटने" लगे. यहाँ तक कि... उन्ह...