Posts

Showing posts from October, 2025

उस समय मैं केवल दस साल का था। मेरी मां यानी मेरी नानी ने मुझे तीन रूपये देते हुए कहा कि स्टेशन बहुत दूर है और तुम भोजन के समय तक शायद वापस घर न पहुच सको

Image
उस समय मैं केवल दस साल का था। मेरी मां यानी मेरी नानी ने मुझे तीन रूपये देते हुए कहा कि स्टेशन बहुत दूर है और तुम भोजन के समय तक शायद वापस घर न पहुच सको। और इन गाड़ियों का कोई भरोसा नहीं है। बारह-तेरह घंटे देर से आना तो इनके लिए आम बात है। इसलिए ये तीन रूपये अपने पास रख लो।  भारत में उन दिनों तीन रुपयों को तो एक अच्छा खासा खजाना माना जाता था। तीन रुपयों में तो एक आदमी  महीने तक अच्छी तरह से रह सकता था। मेरी नानी ने मुझसे कहा कि अगर मैं महात्मा गांधी को देखना चाहता हूं तो मुझे वहां जाना चाहिए। और उन्होंने बहुत पतले मलमल का बड़ा कुर्ता बनवाया। मलमल बहुत ही सुदंर और बहुत पुराना कपड़ा है। उन्हों ने बहुत अच्छा  मलमल लिया। वह बहुत ही पतला और पारदर्शी था। गाड़ी हमेशा की तरह दस घंटे लेट आई। बाकी सभी लोग चले गए थे। सिवाय मेरे। तूम तो जानते है कि मैं कितना जिद्दी हूं। स्टेशन मास्टर ने भी मुझसे कहा: बेटा तुम्हारा तो कोई जवाब नहीं है। सब लोग चले गए हैं किंतु तुम तो शायद रात को भी यहीं पर ठहरने के लिए तैयार हो। और अभी भी गाड़ी के आने को कुछ पता नहीं है। और तुम सुबह चार बजे से उसका इंत...