#JusticeForAnkita
दुमका की अंकिता!
जोल्हा शाहरुख हुसैन इसके पीछे तीन साल से पड़ा हुआ था... कई बार घर में घुसने की कोशिश किया था.. और हर बार इनके पिता जी द्वारा मामला को समझा बुझा के निपटा देते थे।
जोल्हे का हौसला बढ़ते गया और एक दिन (हफ्ता आस पास पहले) घर में सो रही अंकिता के ऊपर पेट्रोल डाल कर आग लगा दिया..
जिसमें अंकिता बुरी तरह झुलस गई... इन्हें दुमका के अस्पताल में भर्ती किया गया। जहां इनसे मिलने जा रहे लोगों से बस एक ही बात कहती थी कि, "भैया मैं मर तो नहीं जाऊंगी न ??"
और आज अंकिता अस्पताल में अंतिम सांस ली।।
ये शाहरुख जैसे तुचियों का क्या इलाज है ???
इनके मनोबल दिन प्रतिदिन क्यों बढ़ते जा रहे हैं ?? और हम ऐसी घटनाओं के बाद भी बेबस क्यों होते जा रहे हैं ??
सोती हुई लड़की को घर में घुसकर जिंदा जला दिया
दहशत में 10-20-50 परिवार घर छोड़ कर भाग जाएंगे
कब्जाए हुए इलाका बढ़कर और दो गुना हो जाएगा
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शाहरुख एक बेटी की हत्या करके भी बेहयाई से मुस्करा लेता है क्योंकि उसको पता है, लिबरल गैंग अंकिता की दर्दनाक हत्या पर मौन रहेगा.
तथाकथित धर्मनिरपेक्ष पत्रकारों और यूट्यूबरों का इस खबर से कोई मतलब नहीं होगा.
और फिर यह तो शाहरुख हुसैन है और मरने वाली अंकिता...
#JusticeForAnkita
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