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जीवन में तोता मत बनो - तोता बोलता है - बहुत ज्यादा। लेकिन ऊंची उड़ान नहीं भर सकते। लेकिन एक चील चुप है, और उसमें आकाश को छूने की इच्छा शक्ति है - ये है 7 मानसिकता। कि हम एक चील से सीख सकते हैं।

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आकाश का राजा।                           ईगल मानसिकता। https://pplx.ai/vmplenterp35281 जीवन में तोता मत बनो - तोता बोलता है - बहुत ज्यादा। लेकिन ऊंची उड़ान नहीं भर सकते। लेकिन एक चील चुप है, और उसमें आकाश को छूने की इच्छा शक्ति है - ये है 7 मानसिकता। कि हम एक चील से सीख सकते हैं। 1.  चील अधिक ऊंचाई पर अकेले उड़ते हैं, चील गौरैया के साथ नहीं उड़ते, दूसरों को छोटे-छोटे पक्षियों को चीरते हैं। संकीर्ण सोच वाले लोगों से दूर रहें, जो आपको नीचा दिखाते हैं। चील चील के साथ उड़ती है। एक कहावत है जो इस प्रकार है। आप जिन लोगों के साथ घूमते हैं, वे अंततः यह निर्धारित करेंगे कि आप किस व्यक्ति के साथ अच्छी संगति रखते हैं। 2. ईगल्स के पास दृष्टि होती है कि वे 5 किमी दूर तक किसी चीज़ पर ध्यान केंद्रित करने की क्षमता रखते हैं। कोई फर्क नहीं पड़ता कि बाज कितनी भी बाधाओं से अपना ध्यान शिकार से तब तक नहीं हटाएगा जब तक कि वह उसे पकड़ नहीं लेता है एक दृष्टि रखें और अपने जीवन में केंद्रित रहें, चाहे आप कितनी भी बाधाओं और चुनौतियों...

#JusticeForAnkita

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दुमका की अंकिता! जोल्हा शाहरुख हुसैन इसके पीछे तीन साल से पड़ा हुआ था... कई बार घर में घुसने की कोशिश किया था.. और हर बार इनके पिता जी द्वारा मामला को समझा बुझा के निपटा देते थे। जोल्हे का हौसला बढ़ते गया और एक दिन (हफ्ता आस पास पहले) घर में सो रही अंकिता के ऊपर पेट्रोल डाल कर आग लगा दिया..  जिसमें अंकिता बुरी तरह झुलस गई... इन्हें दुमका के अस्पताल में भर्ती किया गया। जहां इनसे मिलने जा रहे लोगों से बस एक ही बात कहती थी कि, "भैया मैं मर तो नहीं जाऊंगी न ??" और आज अंकिता अस्पताल में अंतिम सांस ली।। ये शाहरुख जैसे तुचियों का क्या इलाज है ???  इनके मनोबल दिन प्रतिदिन क्यों बढ़ते जा रहे हैं ?? और हम ऐसी घटनाओं के बाद भी बेबस क्यों होते जा रहे हैं ??  सोती हुई लड़की को घर में घुसकर जिंदा जला दिया दहशत में 10-20-50 परिवार घर छोड़ कर भाग जाएंगे कब्जाए हुए इलाका बढ़कर और दो गुना हो जाएगा ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~ शाहरुख एक बेटी की हत्या करके भी बेहयाई से मुस्करा लेता है क्योंकि उसको पता है, लिबरल गैंग अंकिता की दर्दनाक हत्या पर मौन रहेगा.  तथाकथित धर्मनिरपेक्ष पत्रकारों और...

मुम्बई की विवादित दुनिया में खड़ा एक ऐसा व्यक्ति जो अब भी अपने व्यवहार में भारतीय संस्कार और हृदय में धर्म ले कर जीता है। जिसकी कलम बाहुबली फ़िल्म में चीख कर कहती है, "स्त्री पर हाथ डालने वाले की उंगलियां नहीं काटते, काटते हैं उसका गला!" मनोज आजकल अपने गीतों के कारण हमेशा चर्चा में रहते हैं, और अपने राष्ट्रवादी तेवर के साथ वे फिल्मी गीतकारों में सबसे ऊँचा स्थान प्राप्त कर चुके हैं।

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मनोज मुन्तशिर!  मुम्बई की विवादित दुनिया में खड़ा एक ऐसा व्यक्ति जो अब भी अपने व्यवहार में भारतीय संस्कार और हृदय में धर्म ले कर जीता है।  जिसकी कलम बाहुबली फ़िल्म में चीख कर कहती है, "स्त्री पर हाथ डालने वाले की उंगलियां नहीं काटते, काटते हैं उसका गला!"  मनोज आजकल अपने गीतों के कारण हमेशा चर्चा में रहते हैं, और अपने राष्ट्रवादी तेवर के साथ वे फिल्मी गीतकारों में सबसे ऊँचा स्थान प्राप्त कर चुके हैं। पर आजकल मनोज लगातार कुछ लोगों के निशाने पर रहने लगे हैं। वे जब पण्डित चंद्रशेखर आजाद के लिए लिखते हैं कि "जियो तिवारी जनेवधारी..." तो भारत में रह रहे बौद्धिक तालिबानियों को मिर्ची लग जाती है। अभी दो दिन पहले जब उन्होंने अकबर के लिए गढ़े गए झूठे सम्मान के विरुद्ध बोलते हुए उसके आतंकी चरित्र की वयाख्या कर दी, तो फिर वे निशाने पर आ गए।  उन्हें गालियां दी जाने लगीं हैं,  उनका बिरोध होने लगा है।  मुझे समझ नहीं आता कि भारत में रहने वाले किसी भी व्यक्ति को अकबर या उसके खानदान का कोई भी व्यक्ति कैसे प्रिय हो सकता है?  बाबर, जहांगीर, शाहजहाँ, औरंगजेब आदि ने...

राजपूत और मांसाहार... ये मैसेज सभी सनातनियों के लिए है ।🚩 """""""""""""""""""""""""""""""""" राजपूतों ने जब से मांसाहार और शराब को अपनाया तभी से मुगल से पराजित होना शुरू हुआ… राजपूतों का सिर धड से अलग होने के बाद कुल देवी युद्ध लडा करती थी… “एक षड्यंत्र और माँस और शराब की घातकता….” हिंदू धर्म ग्रंथ नहीँ कहते कि देवी को शराब चढ़ाई जाये.., ग्रंथ नहीँ कहते की शराब पीना ही क्षत्रिय धर्म है......... ये सिर्फ़ एक मुग़लों का षड्यंत्र था हिंदुओं को कमजोर करने का ! जानिये एक सच्ची ऐतिहासिक घटना… “एक षड्यंत्र और शराब की घातकता….” कैसे हिंदुओं की सुरक्षा प्राचीर को ध्वस्त किया मुग़लों ने ?? जानिये और फिर सुधार कीजिये !! मुगल का दिल्ली में दरबार लगा था और हिंदुस्तान के दूर दूर के राजा महाराजा दरबार में हाजिर थे । उसी दौरान मुगल बादशाह ने एक दम्भोक्ति की “है कोई हमसे बहादुर इस दुनिया में ?” सभा में सन्नाटा सा पसर गया ,एक बार फिर वही दोहराया गया !

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 राजपूत और मांसाहार... ये मैसेज सभी सनातनियों के लिए है ।🚩 """""""""""""""""""""""""""""""""" राजपूतों ने जब से मांसाहार और शराब को अपनाया तभी से मुगल से पराजित होना शुरू हुआ… राजपूतों का सिर धड से अलग होने के बाद कुल देवी युद्ध लडा करती थी… “एक षड्यंत्र और माँस और शराब की घातकता….” हिंदू धर्म ग्रंथ नहीँ कहते कि देवी को शराब चढ़ाई जाये.., ग्रंथ नहीँ कहते की शराब पीना ही क्षत्रिय धर्म है......... ये सिर्फ़ एक मुग़लों का षड्यंत्र था हिंदुओं को कमजोर करने का ! जानिये एक सच्ची ऐतिहासिक घटना… “एक षड्यंत्र और शराब की घातकता….” कैसे हिंदुओं की सुरक्षा प्राचीर को ध्वस्त किया मुग़लों ने ?? जानिये और फिर सुधार कीजिये !!              मुगल का दिल्ली में दरबार लगा था और हिंदुस्तान के दूर दूर के राजा महाराजा दरबार में हाजिर थे ।             उसी दौरान मुगल बादशाह ने एक दम्भोक्ति की “है कोई हमसे बहादुर इस दुनिया में ?”               ...

मोदी ने सर्वनाश कर दिया देश के माहौल का, यह बात तो 100% सही है।*नेहरू गांधी खानदान और उनके वामपंथी मित्रों ने 70 साल तक इतनी मेहनत करके इस देश के हिंदुओं का दिमाग ठीक किया था, लेकिन मोदी ने पिछले सात-आठ सालों में सारा गुड गोबर कर दिया। करीब डेढ़ सौ साल पहले स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि* *"गर्व से कहो हम हिंदू हैं"* *लेकिन इस खानदान ने ऐसा ईकोसिस्टम बना दिया था कि लोग अपने को कुछ भी कह लेते थे लेकिन "हिंदू" कहने में शर्माते थे, अपने रीति-रिवाजों से ग्लानी होती थी, अपनी मातृभाषा में बोलने में शर्म आती थी, स्वाभिमान नाम की कोई चीज नहीं रही थी।* *लेकिन एक मोदी ने आकर कबाड़ा कर दिया ।*

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*मोदी ने सर्वनाश कर दिया देश के माहौल का, *यह बात तो 100% सही है।* *नेहरू गांधी खानदान और उनके वामपंथी मित्रों ने 70 साल तक इतनी मेहनत करके इस देश के हिंदुओं का दिमाग ठीक किया था, लेकिन मोदी ने पिछले सात-आठ सालों में सारा गुड गोबर कर दिया। करीब डेढ़ सौ साल पहले स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि* *"गर्व से कहो हम हिंदू हैं"* *लेकिन इस खानदान ने ऐसा ईकोसिस्टम बना दिया था कि लोग अपने को कुछ भी कह लेते थे लेकिन "हिंदू" कहने में शर्माते थे, अपने रीति-रिवाजों से ग्लानी होती थी, अपनी मातृभाषा में बोलने में शर्म आती थी, स्वाभिमान नाम की कोई चीज नहीं रही थी।*  *लेकिन एक मोदी ने आकर कबाड़ा कर दिया ।* *अब हालत यह हो गई है कि प्रियंका गोस्वामी कॉमनवेल्थ में सिल्वर मेडल जीतकर स्टेडियम में ही अपने हाथ में बाल गोपाल कान्हा जी को लेकर विदेशी धरती पर ही गर्व से खड़ी हो जाती है। हमारे देश के रेसलर भगवान शिव पर सरेआम जलाभिषेक करते हुए दिखाई देते हैं। पूर्वोत्तर राज्य  मणिपुर की मीराबाई चानू मेडल जीतती है तो खुद को हनुमान भक्त बताती है, दिवाली पूजन की तस्वीरें पोस्ट करती है। हमने तो देश को...

भारत' में रहकर 'भारत' को गाली देने वाले सुवरों को समर्पित।

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*एक बादशाह अपने कुत्ते के साथ नाव में यात्रा कर रहा था।* *उस नाव में अन्य यात्रियों के साथ एक दार्शनिक भी था।* *कुत्ते ने कभी नौका में सफर नहीं किया था, इसलिए वह अपने को सहज महसूस नहीं कर पा रहा था।* *वह उछल-कूद कर रहा था और किसी को चैन से नहीं बैठने दे रहा था।* *मल्लाह उसकी उछल-कूद से परेशान था कि ऐसी स्थिति में यात्रियों की हड़बड़ाहट से नाव डूब जाएगी।* *वह भी डूबेगा और दूसरों को भी ले डूबेगा।* *परन्तु कुत्ता अपने स्वभाव के कारण उछल-कूद में लगा था।* *ऐसी स्थिति देखकर बादशाह भी गुस्से में था, पर कुत्ते को सुधारने का कोई उपाय उन्हें समझ में नहीं आ रहा था।* *नाव में बैठे दार्शनिक से रहा नहीं गया।* *वह बादशाह के पास गया और बोला : "सरकार। अगर आप इजाजत दें तो मैं इस कुत्ते को भीगी बिल्ली बना सकता हूँ।"*  *बादशाह ने तत्काल अनुमति दे दी।* *दार्शनिक ने दो यात्रियों का सहारा लिया और उस कुत्ते को नाव से उठाकर नदी में फेंक दिया।*  *कुत्ता तैरता हुआ नाव के खूंटे को पकड़ने लगा।* *उसको अब अपनी जान के लाले पड़ रहे थे।* *कुछ देर बाद दार्शनिक ने उसे खींचकर नाव में चढ़ा लिया।* *वह ...

भारत को आखिर बॉलीवुड ने दिया क्या है?

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*निवेदन है कि थोड़ा सा वक्त निकालकर आखिरी तक पढ़े*  भारत को आखिर बॉलीवुड ने दिया क्या है? 1. बलात्कार गैंग रेप करने के तरीके। 2. विवाह किये बिना लड़का- लड़की का शारीरिक सम्बन्ध बनाना। 3. विवाह के दौरान लड़की को मंडप से भगाना 4. चोरी डकैती करने के तरीके। 5. भारतीय संस्कारों का उपहास उड़ाना। 6. लड़कियों को छोटे कपड़े पहने की सीख देना....जिसे फैशन का नाम देना। 7. दारू सिगरेट चरस गांजा कैसे पिया और लाया जाये। 8. गुंडागर्दी कर के हफ्ता वसूली करना। 9. भगवान का मजाक बनाना और अपमानित करना। 10. पूजा- पाठ ,यज्ञ करना पाखण्ड है व नमाज पढ़ना ईश्वर की सच्ची पूजा है। 11. भारतीयों को अंग्रेज बनाना। 12. भारतीय संस्कृति को मूर्खता पूर्ण बताना और पश्चिमी संस्कृति को श्रेष्ठ बताना। 13. माँ बाप को वृध्दाश्रम छोड़ के आना। 14. गाय पालन को मज़ाक बनाना और कुत्तों को उनसे श्रेष्ठ बताना और पालना सिखाना। 15. रोटी हरी सब्ज़ी खाना गलत बल्कि रेस्टोरेंट में पिज़्ज़ा बर्गर कोल्ड ड्रिंक और नॉन वेज खाना श्रेष्ठ है। 16. पंडितों को जोकर के रूप में दिखाना, चोटीरखना या यज्ञोपवीत पहनना मूर्खता है मगर बालों के...

हिन्दू विहीन फिल्म इंडस्ट्री बनाने के लिए यह जरूरी था कि सनी देओल, गोविंदा और नाना पाटेकर जैसे महालोकप्रिय कलाकारों को ठिकाने लगाया जाए! पाकिस्तानी "strategical" निवेश ने यह काम बखूबी किया और धीरे धीरे इनको काम मिलना पहले कम हुआ और फिर लगभग बंद ही हो गया! आज हर बड़ा स्टार या तो मुस्लिम है या "वोक"! "वोक" यानि कुत्ता - जिनका काम होता है होली पर पानी बचाओ और दीपावली पर प्रदूषण मत फैलाओ का ज्ञान देना! गोविंदा जैसे संस्कारी हिन्दू अब फिल्म इंडस्ट्री में बहुत क्रूरता के साथ दुत्कारे जाते हैं!

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 बॉबी देओल एक इंटरव्यू में बताते हैं कि 15-16 मेकर्स के साथ बात चल रही थी, फिर अचानक से धीरे धीरे सब पीछे हटते गए और अंत में उनके पास काम नहीं रहा! यह एक बानगी है कि आखिर कैसे एक के बाद एक अति लोकप्रिय कलाकार जैसे गोविंदा, सनी देओल, बॉबी देओल धीरे धीरे बेरोजगार होते चले गए,, या यह कह लीजिये कि किसी के इशारे पर बेरोजगार कर दिए गए और फिर खान तिकड़ी का उदय होता है! जिस बात को बॉबी देओल धीरे से कहते हैं उसी बात को गोविंदा आश्चर्य के साथ कहते हैं! गोविंदा का कोई भी इंटरव्यू उठा लीजिये उन्हें समझ ही नहीं आता है कि आखिर उनके स्टारडम को कौन खा गया? उनके इंटरव्यू में खीझ साफ़ दिखती है! इन सबसे पृथक सनी देओल ने इस विषय पर गरिमामयी मौन धारण कर लिया और कभी कुछ नहीं बोला! बड़ी पीड़ा से कई बार उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि कोई भी बड़ी अभिनेत्री उनके साथ काम नहीं करना चाहती है! सनी देओल फिल्म इंडस्ट्री के अकेले ऐसे कलाकार थे जिनके अंदर किसी स्टार का भय नहीं था, वे स्वस्थ प्रतिस्पर्धा से विचलित नहीं होते थे वरन दो कदम आगे बढ़कर चुनौती स्वीकार करते थे! जब आमिर खान के सामने कोई फिल्म रिलीज़ करने का सहस नह...

हम जिस देश के नागरिक हैं, उसके इतिहास के बारे में जानने के लिए कुछ महत्वपूर्ण बातें हैं। वन्दे मातरम

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  15 अगस्त और 26 जनवरी के बीच मुख्य अंतर..                                       1) प्रधानमंत्री 15 अगस्त को झंडा फहराते हैं जबकि ... राष्ट्रपति 26 जनवरी को झंडा फहराते हैं क्योंकि 15 अगस्त को जब देश आजाद हुआ तो राष्ट्रपति पद का अस्तित्व ही नहीं था।                                                                     2) 15 अगस्त को एक खुली स्थिति में एक रस्सी पर झंडा फहराया जाता है। इसे कहते हैं झंडा फहराना... 26 जनवरी को झंडे को मोड़ा जाता है और पहले से रस्सी में गांठ बांधकर झंडा फहराया जाता है. सिर्फ रस्सी खींचकर ही झंडा फहराया जाता है। इसे कहते हैं (झंडा फहराना)। 3) 15 अगस्त 1947 को अंग्रेजों का झंडा उतरा और भारतीय झंडा ऊपर उठा। इसलिए इसे फ्लैगिंग कहा जाता है। तो... 26 जनवरी 1950 को जैसे ही भारत का झंडा फहराया गया, लेकि...

तिरुपति बालाजी मंदिर को #मराठों ने मुगलों के कब्जे से मुक्त कराया था. 1565 ई. में, मुगल सल्तनत ने एकजुट होकर विजयनगर साम्राज्य पर हमला किया और विजयनगर साम्राज्य की हार हुई। आदिलशाह ने #विजयनगर साम्राज्य के अंतिम हिंदू राजा राम राय का सिर काट कर सेना को सौंप दिया।शहर में घूमा लूटा और हम्पी शहर में बलात्कार उसके बाद #विजयनगर साम्राज्य का पतन हो गया बाद में, दक्कन पर मुस्लिम सुल्तानों का प्रभुत्व था

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 इतिहास को भुला दिया गया था। बालाजी मंदिर ट्रस्टी ने उन्हें अपनी भाषा में मंदिर के बारे में कुछ संशोधन दिया। उसके बाद प्रशासन को अपनी गलती का एहसास हुआ, उन्होंने यह रुख अपनाया कि वे आज से छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्ति ले जाने वाली किसी भी कार को नहीं रोकेंगे और इसी शिष्टाचार के कारण महाराष्ट्र में सभी कारों को आगे बढ़ने की अनुमति दी। तिरुपति बालाजी मंदिर को #मराठों ने मुगलों के कब्जे से मुक्त कराया था. 1565 ई. में, मुगल सल्तनत ने एकजुट होकर विजयनगर साम्राज्य पर हमला किया और विजयनगर साम्राज्य की हार हुई।  आदिलशाह ने #विजयनगर साम्राज्य के अंतिम हिंदू राजा राम राय का सिर काट कर सेना को सौंप दिया।शहर में घूमा लूटा और हम्पी शहर में बलात्कार  उसके बाद #विजयनगर साम्राज्य का पतन हो गया बाद में, दक्कन पर मुस्लिम सुल्तानों का प्रभुत्व था लेकिन समय के साथ #नायकवंशी राजाओं ने दक्षिण भारत में अपना साम्राज्य फैला लिया, मुगलों द्वारा मंदिर को तोड़ दिया गया, नागवंशी राजाओं ने इसका जीर्णोद्धार कराया, मंदिर का पुनर्निर्माण किया गया। लेकिन मुस्लिम शासकों ने दक्षिण भारत में हिंदू #नायकवंश ...

चौधरी चरण सिंह उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री बने तो उस समय उत्तरप्रदेश विधानसभा में दो मुसलमान विधायक थे, एक दिन विधानसभा भवन में कमाल यूसुफ नाम के एक विधायक ने चौधरी चरण सिंह से कहा कि चौधरी साहब आप केवल हिंदुओं के वोटों से ही मुख्यमंत्री नहीं बने हो, हमने भी आपको वोट दिया है, अतः हमारी कुछ मांगें हैं, जो आपको माननी पड़ेगी।

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3 अप्रैल 1967 को जब चौधरी चरण सिंह उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री बने तो उस समय उत्तरप्रदेश विधानसभा में दो मुसलमान विधायक थे, एक दिन विधानसभा भवन में कमाल यूसुफ नाम के एक विधायक ने चौधरी चरण सिंह से कहा कि चौधरी साहब आप केवल हिंदुओं के वोटों से ही मुख्यमंत्री नहीं बने हो, हमने भी आपको वोट दिया है, अतः हमारी कुछ मांगें हैं, जो आपको माननी पड़ेगी। चौधरी साहब ने कहा : भाई हिन्दू क्या और मुस्लिम क्या, सबके हित का ध्यान रखना हमारा कर्तव्य है, यदि आपकी मांगें उचित हुई तो हम अवश्य ध्यान देंगे ! यूसफ ने कहा : चौधरी साहब उचित हो या अनुचित, हमारी मांगें तो अब आपको बिना शर्त माननी ही होंगी ! चौधरी साहब ने थोड़े से गुस्से वाले अंदाज में कहा : यदि तुम्हारी मांग न मानूं तो क्या करोगे ! मुस्लिम विधायक ने कहा कि साहब मुसलमान तो जन्मजात लड़ाकू और बहादुर होता है, यदि हमारी मांग स्वीकार नहीं करोगे तो हम लड़कर अपनी मांगे मनवायेंगे ! चौधरी साहब ने कहा : नीचे बैठ जा वरना जितना ऊपर खड़ा है उतना ही तुझे जमीन में गाड़ दूंगा, तुम लोग बहादुर कब से हो गये, तुम लोग बहादुर होते तो मुसलमान बनते ही क्यों, तुम लोग जो भारतीय...

अगर नरेंद्र मोदी सत्ता में नहीं आए होते, तो रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन द्वारा साहसपूर्वक लिखे गए सनसनीखेज निबंध से बेहतर आज भारत की अर्थव्यवस्था नहीं होती। इस निबंध को भारतीय नागरिकों और राष्ट्रवादियों को पढ़ना चाहिए, खासकर उन्हें जो यह सोचते हैं कि वे हिंदू हैं।

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अगर नरेंद्र मोदी सत्ता में नहीं आए होते, तो रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन द्वारा साहसपूर्वक लिखे गए सनसनीखेज निबंध से बेहतर आज भारत की अर्थव्यवस्था नहीं होती। इस निबंध को भारतीय नागरिकों और राष्ट्रवादियों को पढ़ना चाहिए, खासकर उन्हें जो यह सोचते हैं कि वे हिंदू हैं।   🚩 किसी भी देश की सरकार को सबसे पहला काम अपने देश की अर्थव्यवस्था को सहारा देना, कर्ज से मुक्ति दिलाना, देश की जीडीपी बढ़ाना, अपने देश को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खड़ा करना, देश-विदेश में दुश्मनों का दमन करना, सैन्य अड्डे को बढ़ाना, नक्शे और उन्नत हथियार प्रदान करें।   🚩 इन मामलों में नरेंद्र मोदी के आने से पहले भारत कैसा था? अब यह कैसा है? देश की जनता उनके शासन की दक्षता को समझेगी। उन्होंने 26 मई 2014 को मनमोहन सिंह के स्थान पर भारत के 14वें प्रधानमंत्री के रूप में पदभार ग्रहण किया।   🎈 मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार के दौरान इस देश के मीडिया ने 29 अगस्त 2013 को एक सनसनीखेज खबर प्रकाशित की।  इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हमारे भारत की छवि खराब हुई है। यानी तत्कालीन केंद्रीय वाणिज्य और उद...

जब हम हमारे धर्मग्रंथों को पढ़ते हैं तो हम पाते हैं कि हमारे सारे धर्मग्रंथ राक्षसों के वध से भरे पड़े हैं.राक्षस भी ऐसे ऐसे वरदानों से प्रोटेक्टेड थे कि दिमाग घूम जाए..

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 जब हम हमारे धर्मग्रंथों को पढ़ते हैं तो हम पाते हैं कि हमारे सारे धर्मग्रंथ राक्षसों के वध से भरे पड़े हैं. राक्षस भी ऐसे ऐसे वरदानों से प्रोटेक्टेड थे कि दिमाग घूम जाए... किसी को वरदान प्राप्त था कि वो न दिन में मरेगा-न रात में, न आदमी से मरेगा-न जानवर से, न घर में मरेगा-न बाहर, न आकाश में मरेगा- न धरती पर... उसी तरह... दूसरे को वरदान था कि वे भगवान भोलेनाथ और विष्णु के संयोग से उत्पन्न पुत्र से ही मरेगा. तो, किसी को वरदान था कि... उसके खून की जितनी बूंदे जमीन पर गिरेगी.. उसकी उतनी प्रतिलिपि पैदा हो जाएगी. तो, कोई अपने नाभि में अमृत कलश छुपाए बैठा था. लेकिन... हर राक्षस का वध हुआ. हालाँकि... सभी राक्षसों का वध अलग अलग देवताओं ने अलग अलग कालखंड एवं अलग अलग प्रदेशों में किया... लेकिन... सभी वध में एक चीज कॉमन रहा कि... किसी भी राक्षस का वध उसका स्पेशल स्टेटस हटाकर अर्थात उसके वरदान को कैंसिल कर के नहीं किया गया... कि, तुम इतना उत्पात मचा रहे हो इसीलिए, हम तुम्हारा वरदान कैंसिल कर रहे हैं.. और, फिर उसका वध कर दिया गया हो। बल्कि... हुआ ये कि... देवताओं को उन राक्षसों को निपटाने के लिए ...

शाहजहाँ ने बताया था, हिंदू क्यों गुलाम हुआ ? समय न हो तो भी, एक बार तो अवश्य पढें।

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 मुग़ल बादशाह शाहजहाँ लाल किले में तख्त-ए-ताऊस पर बैठा हुआ था ।    दरबार का अपना सम्मोहन होता है और इस सम्मोहन को राजपूत वीर अमर सिंह राठौर ने अपनी पद चापों से भंग कर दिया । अमर सिंह राठौर शाहजहां के तख्त की तरफ आगे बढ़ रहे थे । तभी मुगलों के सेनापति सलावत खां ने उन्हें रोक दिया ।  सलावत खां - ठहर जाओ अमर सिंह जी, आप 8 दिन की छुट्टी पर गए थे और आज 16वें दिन तशरीफ़ लाए हैं ।  अमर सिंह - मैं राजा हूँ । मेरे पास रियासत है फौज है, मैं किसी का गुलाम नहीं ।  सलावत खां - आप राजा थे ।अब सिर्फ आप  हमारे सेनापति हैं, आप मेरे मातहत हैं । आप पर जुर्माना लगाया जाता है । शाम तक जुर्माने के सात लाख रुपए भिजवा दीजिएगा ।  अमर सिंह - अगर मैं जुर्माना ना दूँ  । सलावत खां- (तख्त की तरफ देखते हुए) हुज़ूर, ये काफि़र आपके सामने हुकूम उदूली कर रहा है ।  अमर सिंह के कानों ने काफि़र शब्द सुना । उनका हाथ तलवार की मूंठ पर गया,  तलवार बिजली की तरह निकली और सलावत खां की गर्दन पर गिरी । मुगलों के सेनापति सलावत खां का सिर जमीन पर आ गिरा । अकड़ कर बैठा सलावत खां का...

पेंग्विन दुनिया के सबसे ठंडे स्थान Antarctica में रहते है। सामान्यत तो उन्हें ठंड नही लगती , लेकिन जब वहाँ की सर्दियों के सबसे ठंडे दिन आते है तो उन्हें भी ठंड लगती है। पेंग्विन क्या करते है?

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 पेंग्विन दुनिया के सबसे ठंडे स्थान Antarctica में रहते है। सामान्यत तो उन्हें ठंड नही लगती , लेकिन जब वहाँ की सर्दियों के सबसे ठंडे दिन आते है तो उन्हें भी ठंड लगती है।  पेंग्विन क्या करते है? सारे पेंग्विन एक साथ खड़े हो जाते है सटकर। तो हर पेंग्विन चारों ओर से ढक जाता है। मतलब शरीर के रेडीएशन से जो ऊष्मा की हानि होती है वह  पड़ोसी पेंग्विन को ही मिल जाती है, व्यर्थ नही होती। याने हर पेंग्विन दूसरे का हीटर बन जाता है।  लेकिन झुंड की बाउंड्री भी तो होती है। जो बाउंड्री पर होंगे वे तो एक ओर से uncovered होकर ठंड से पीड़ित होंगे।  लेकिन पेंग्विन लोगों ने उसका भी हल ढूँढ लिया है। झुंड की बाउंड्री के सदस्य को कुछ ही क्षणो में झुंड के अंदर ले लिया जाता है व उनके स्थान पर दूसरे पेंग्विन आ जाते है। इस निरंतर चलते रहने से भी शरीर गर्म रहते है।  बहुत बुद्धिमान है पेंग्विन लोग। जानते है साथ नही रहेंगे तो मर जाएँगे। व कोई भेदभाव नही है। हर पेंग्विन को बाउंड्री पर जाना होता है, व हर पेंग्विन को केंद्र में जाने को मिलता है। जानते है बाउंड्री वालों को वही रखेंगे तो वे क...

क्या पोस्टमैन के चरित्र की रक्षा के लिए तलवार एक अनिवार्य आवश्यकता है (काल्पनिक लघुकथा)

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 क्या पोस्टमैन के चरित्र की रक्षा के लिए तलवार एक अनिवार्य आवश्यकता है  (काल्पनिक लघुकथा) 20वीं सदी में अफ्रीका में एक पोस्टमैन था जिसने कहा कि मैं ऊपर वाले की चिट्ठी लेकर आता हूं । लोग उस पोस्टमैन पर विश्वास नहीं कर रहे थे । तब उस पोस्टमैन ने कहा कि तुम मेरे साथ जुड़ो । लोगों ने पूछा इसके बदले हमें क्या मिलेगा ? तब उस पोस्टमैन ने जवाब दिया कि तुम लोगों को मेरे साथ जुड़ने के बदले लड़कियां मिलेंगी जिनके साथ तुम रेप भी कर सकोगे ।  -धीरे धीरे लड़कियों और लूट की लालच में सैकड़ों लोग उसके साथ जुड़ गए इसमें से ज्यादातर लोग अपराधी किस्म के थे । इन अपराधी किस्म के लोगों ने तलवार के बल से लूटना और लड़कियों का अपहरण और रेप शुरू हुआ । कुछ दिनों बाद इन अपराधियों के गैंग ने एक पूरे शहर पर ही कब्जा कर लिया और जो लोग ये नहीं मानते थे कि पोस्टमैन का ऊपर वाले से कोई संबंध नहीं है उन सभी को तलवार के दम पर मार दिया गया या फिर गैंग में ही जबरन शामिल करवा लिया गया -अब उस पोस्टमैन ने धीरे धीरे दूसरे शहर के लोगों को भी सताना शुरू कर दिया और ये कहना शुरू कर दिया कि अगर तुम ये स्वीकार नहीं करोगे ...

जिस आदमी ने श्रीमदभगवद गीता का पहला उर्दू अनुवाद किया वो था मोहम्मद मेहरुल्लाह! बाद में उसने सनातन धर्म अपना लिया!

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  जिस आदमी ने श्रीमदभगवद गीता का पहला उर्दू अनुवाद किया वो था मोहम्मद मेहरुल्लाह! बाद में उसने सनातन धर्म अपना लिया! पहला व्यक्ति जिसने श्रीमदभागवद गीता का अरबी अनुवाद किया वो एक फिलिस्तीनी था अल फतेह कमांडो नाम का! जिसने बाद में जर्मनी में इस्कॉन जॉइन किया और अब हिंदुत्व में है! पहला व्यक्ति जिसने इंग्लिश अनुवाद किया उसका नाम चार्ल्स विलिक्नोस था! उसने भी बाद में हिन्दू धर्म अपना लिया उसका तो ये तक कहना था कि दुनिया मे केवल हिंदुत्व बचेगा! हिब्रू में अनुवाद करने वाला व्यक्ति Bezashition le fanah नाम का इसरायली था जिसने बाद में हिंदुत्व अपना लिया था भारत मे आकर! पहला व्यक्ति जिसने रूसी भाषा मे अनुवाद किया उसका नाम था नोविकोव जो बाद में भगवान कृष्ण का भक्त बन गया था!* आज तक 283 बुद्धिमानों ने श्रीमद भगवद गीता का अनुवाद किया है अलग अलग भाषाओं में जिनमें से 58 बंगाली, 44 अंग्रेजी, 12 जर्मन, 4 रूसी, 4 फ्रेंच, 13 स्पेनिश, 5 अरबी, 3 उर्दू और अन्य कई भाषाएं थी ओर इन सब मे दिलचस्प बात यह है कि इन सभी ने बाद मैं हिन्दू धर्म को अपना लिया था। जिस व्यक्ति ने कुरान को बंगाली में अनुवाद किया उसक...