क्या पोस्टमैन के चरित्र की रक्षा के लिए तलवार एक अनिवार्य आवश्यकता है (काल्पनिक लघुकथा)
क्या पोस्टमैन के चरित्र की रक्षा के लिए तलवार एक अनिवार्य आवश्यकता है (काल्पनिक लघुकथा)
20वीं सदी में अफ्रीका में एक पोस्टमैन था जिसने कहा कि मैं ऊपर वाले की चिट्ठी लेकर आता हूं । लोग उस पोस्टमैन पर विश्वास नहीं कर रहे थे । तब उस पोस्टमैन ने कहा कि तुम मेरे साथ जुड़ो । लोगों ने पूछा इसके बदले हमें क्या मिलेगा ? तब उस पोस्टमैन ने जवाब दिया कि तुम लोगों को मेरे साथ जुड़ने के बदले लड़कियां मिलेंगी जिनके साथ तुम रेप भी कर सकोगे ।
-धीरे धीरे लड़कियों और लूट की लालच में सैकड़ों लोग उसके साथ जुड़ गए इसमें से ज्यादातर लोग अपराधी किस्म के थे । इन अपराधी किस्म के लोगों ने तलवार के बल से लूटना और लड़कियों का अपहरण और रेप शुरू हुआ । कुछ दिनों बाद इन अपराधियों के गैंग ने एक पूरे शहर पर ही कब्जा कर लिया और जो लोग ये नहीं मानते थे कि पोस्टमैन का ऊपर वाले से कोई संबंध नहीं है उन सभी को तलवार के दम पर मार दिया गया या फिर गैंग में ही जबरन शामिल करवा लिया गया
-अब उस पोस्टमैन ने धीरे धीरे दूसरे शहर के लोगों को भी सताना शुरू कर दिया और ये कहना शुरू कर दिया कि अगर तुम ये स्वीकार नहीं करोगे कि मेरा ऊपर वाले से सीधा कनेक्शन है तो मैं तुम पर हमला करवा कर मौत के घाट उतरवा दूंगा । कुछ लोगों ने विरोध किया लेकिन उनका विरोध निष्फल रहा क्योंकि पोस्टमैन ने अपने साथियों को ये कहकर जोश दिला दिया कि जब तुम मर जाओगे तो भी तुमको ऊपर वाला मरने के बाद खूबसूरत स्त्रियों से सेक्स सहित तुम्हारी हर प्रकार की इच्छा को पूरी करेगा क्योंकि तुमने उस पर विश्वास किया है । इस तरह उस पोस्टमैन के साथियों ने सुंदर स्त्रियों की ख्वाहिश में ज्यादा जोश से जंग लड़ी और वो लगातार जीतते चले गए । तब उस पोस्टमैन को ये कहने का भी मौका मिल गया कि देखो ऊपर वाला मेरे साथ है... इसलिए मैं हर जंग जीत जाता हूं । इस तरह धीरे धीरे उस पोस्टमैन की फैन फॉलोइंग बढ़ती गई... लोग पोस्टमैन को एक दिव्य पुरुष मानने लग गए और वो अपना एक पूरा बड़ा गैंग बनाने में कामयाब हो गया । जिसमें हजारों लोग शामिल हो गए तब उस पोस्टमैन ने शासक के समान आचरण करना शुरू कर दिया ।
- जब कुछ बुद्धिमान लोगों ने देखा कि एक खास तरह की मॉडस ऑपरेंडी से एक साधारण पोस्टमैन एक बड़े गैंग का सरगना और फिर एक बड़ी भूमि का मालिक बनकर शासक बन गया तो दूसरे शहर के कुछ लोगों ने भी उसी रास्ते पर चलते हुए ये कहना शुरू किया मैं भी पोस्टमैन हूं और मेरा भी ऊपर वाले से सीधा संपर्क है । अब ये पहले वाले पोस्टमैन को सीधी चुनौती थी इसलिए उसने अपने अपराधियों के गिरोह को भेजकर उन सभी पोस्टमैन को मरवा दिया जो ये दावा कर रहे थे कि उनका ऊपर वाले से संपर्क है
-जब उस पोस्टमैन के पास ताकत आई तो उसने अपनी शारिरिक वासनाओं की पूर्ति के लिए शादियां करनी शुरू कर दीं । इसी क्रम में उसने एक छोटी बालिका से भी शादी कर ली जिसे सोसायटी में एक अच्छा काम नहीं माना जाता है । उसने अपहरण करके भी स्त्रियों के साथ शादियां की । काफी लंबे समय तक तलवार और बंदूक के दम पर अपने गैंग का विस्तार करने के बाद वो उसी प्रकार मर गया जैसे आम लोग मर जाते हैं ।
-लेकिन उसकी मौत के बाद भी उसका गैंग लगातार तरक्की करता गया जैसे जैसे अपराधी किस्म के लोग उस गैंग से जुड़ते गए वो लगातार दहशत के दम पर विस्तार करता गया । लंबे समय के बाद एक बार किसी ने उस पोस्टमैन की मौत के बाद उस पोस्टमैन के चरित्र पर सवाल खड़ा कर दिया गया । पोस्टमैन के समर्थकों के पास इस बात का कोई जवाब नहीं था कि आखिर पोस्टमैन ने एक बालिका से शादी क्यों की । आखिर जब पोस्टमैन के समर्थकों के पास अपने पोस्टमैन के बचाव के लिए कोई तर्क नहीं बचा तो उन्होंने तलवार से पोस्टमैन के विरोधियों का गला काटना शुरू कर दिया ।

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