उस लड़की ने बस इतना कहा — “ठाकुर हूँ मैं ... मुझसे बकचोदी मत करना साले। ”…😡और देश का पूरा इकोसिस्टम अलर्ट मोड में आ गया ! टाइमलाइन गरम हुई, नैतिकता जाग उठी, सोशल मीडिया में भारी आक्रोश मच गया। अरे ये लड़की तो जातिवाद कर रही है। ऊँची जाति होने का घमण्ड दिखा रही है। ब्ला ब्ला। 😭पर ज़रा ठहरो… ! एक बात मुकेश जोशी की भी सुनो फिर फैसला करना।हम उसी देश में रहते हैं, जहाँ जाति प्रमाणपत्र सरकार खुद जारी करती है। फॉर्म से लेकर शादी के विज्ञापनों तक, हर जगह जाति लिखी जाती है। सरकारी योजनाएँ, करियर के मौके, राजनीति—सबमें जाति खुलकर इस्तेमाल होती है। वोट भी जाति के नाम पर माँगे जाते हैं।एडमिशन में जाति, नौकरी में जाति ,राजनीति में जाति, शादी में जाति वो सब आपके लिए ठीक 👌पर फिर उस लड़की का “ ठाकुर हूँ मैं” बोलना अपराध कैसे? ये कोरा दोगलापन है आपका। 👽इस लड़की ने ठाकुर होने का मुचलका भरा है। कीमत चुकाई है। उसको बचपन से आपने बताया है कि वो ठाकुर हूँ। और उससे ठाकुर होने की कीमत समय समय पर वसूलता रहेगा ये सिस्टम। इसके दलित दोस्तों ने कभी एग्जाम फ़ीस नहीं दी होगी ... क्योंकि इस ठाकुर लड़की से इस सिस्टम ने चार गुना फीस वसूली थी। बेशक़ सब ही गरीब और संघर्षरत रहे होंगे .... इस ठाकुर लड़की को सवर्ण होने के कारण अधिक मेरिट पर भी रेस से बाहर होना पड़ा होगा। 😓इस लड़की को तुमने समय समय पर एहसास करवाया है कि वो ठाकुर है। अब अगर वो प्राउडली कह रही है कि मैं ठाकुर हूँ .. तो तुमको मिर्च क्यों लग रही है दोस्त। 👽😎🔥----------------------------------------दोगलेपन को बेनकाब करना मेरा शौक है। मुझसे जुड़ने के लिए फॉलो करें। ❤️🔥

उस लड़की ने बस इतना कहा — “ठाकुर हूँ मैं ... मुझसे बकचोदी मत करना साले। ”…😡
और देश का पूरा इकोसिस्टम अलर्ट मोड में आ गया ! टाइमलाइन गरम हुई, नैतिकता जाग उठी, सोशल मीडिया में भारी आक्रोश मच गया। अरे ये लड़की तो जातिवाद कर रही है। ऊँची जाति होने का घमण्ड दिखा रही है। ब्ला ब्ला। 😭
पर ज़रा ठहरो… ! एक बात मुकेश जोशी की भी सुनो फिर फैसला करना।

हम उसी देश में रहते हैं, जहाँ जाति प्रमाणपत्र सरकार खुद जारी करती है। फॉर्म से लेकर शादी के विज्ञापनों तक, हर जगह जाति लिखी जाती है। सरकारी योजनाएँ, करियर के मौके, राजनीति—सबमें जाति खुलकर इस्तेमाल होती है। वोट भी जाति के नाम पर माँगे जाते हैं।

एडमिशन में जाति, नौकरी में जाति ,राजनीति में जाति, शादी में जाति वो सब आपके लिए ठीक 👌

पर फिर उस लड़की का “ ठाकुर हूँ मैं” बोलना अपराध कैसे? ये कोरा दोगलापन है आपका। 👽

इस लड़की ने ठाकुर होने का मुचलका भरा है। कीमत चुकाई है। उसको बचपन से आपने बताया है कि वो ठाकुर हूँ। और उससे ठाकुर होने की कीमत समय समय पर वसूलता रहेगा ये सिस्टम। 

इसके दलित दोस्तों ने कभी एग्जाम फ़ीस नहीं दी होगी ... क्योंकि इस ठाकुर लड़की से इस सिस्टम ने चार गुना फीस वसूली थी। बेशक़ सब ही गरीब और संघर्षरत रहे होंगे .... इस ठाकुर लड़की को सवर्ण होने के कारण अधिक मेरिट पर भी रेस से बाहर होना पड़ा होगा। 😓

इस लड़की को तुमने समय समय पर एहसास करवाया है कि वो ठाकुर है। अब अगर वो प्राउडली कह रही है कि मैं ठाकुर हूँ .. तो तुमको मिर्च क्यों लग रही है दोस्त। 👽😎🔥
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बेटियों के बलात्कारियों से जब माँ ने कहा "अब्दुल अली एक-एक करके करो, नहीं तो वो मर जाएंगी "।ये सच्ची घटना घटित हुई थी 8 अक्टूबर 2001 को बांग्लादेश में।अनिल चंद्र और उनका परिवार 2 बेटीयों पूर्णिमा व 6 वर्षीय छोटी बेटी के साथ बांग्लादेश के सिराजगंज में रहता था। उनके पास जीने खाने और रहने के लिए पर्याप्त जमीन थी. बस एक गलती उनसे हो गयी, और ये गलती थी एक हिंदु होकर 14 साल व 6 साल की बेटी के साथ बांग्लादेश में रहना। एक क़ाफिर के पास इतनी जमीन कैसे रह सकती है..? यही सवाल था बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिद ज़िया के पार्टी से सम्बंधित कुछ उन्मादी लोगों का।8 अक्टूबर के दिनअब्दुल अली, अल्ताफ हुसैन, हुसैन अली, अब्दुर रउफ, यासीन अली, लिटन शेख और 5 अन्य लोगों ने अनिल चंद्र के घर पर धावा बोल दिया, अनिल चंद्र को मारकर डंडो से बाँध दिया, और उनको काफ़िर कहकर गालियां देने लगे। इसके बाद ये शैतान माँ के सामने ही उस १४ साल की निर्दोष बच्ची पर टूट पड़े और उस वक्त जो शब्द उस बेबस लाचार मां के मुँह से निकले वो पूरी इंसानियत को झंकझोर देने वाले हैं।अपनी बेटी के साथ होते इस अत्याचार को देखकर उसने कहा "अब्दुल अली, एक एक करके करो, नहीं तो मर जाएगी, वो सिर्फ १४ साल की है।"वो यहीं नहीं रुके उन माँ बाप के सामने उनकी छोटी 6 वर्षीय बेटी का भी सभी ने मिलकर ब#लात्कार किया ....

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