हिन्दुओं के प्राचीन 113 मंदिर===================अखंड भारत की चारों दिशाओं में स्थित प्राचीन व भव्य 113 मंदिरों की लिस्ट। यदि आप आध्यात्मिक अनुभव लेना चाहते हैं तो यहां जरूर जाएं।इसे जरूर पढ़ें...हिन्दू धर्म : तीर्थ करना है जरूरी

हिन्दुओं के प्राचीन 113 मंदिर
===================

अखंड भारत की चारों दिशाओं में स्थित प्राचीन व भव्य 113 मंदिरों की लिस्ट। यदि आप आध्यात्मिक अनुभव लेना चाहते हैं तो यहां जरूर जाएं।

इसे जरूर पढ़ें...हिन्दू धर्म : तीर्थ करना है जरूरी

1. काशी विश्वनाथ मंदिर वाराणसी, उत्तरप्रदेश
2. श्रीरामनथा स्वामी मंदिर रामेश्वरम्,
तमिलनाडु
3. श्रीजगन्नाथ मंदिर, पुरी, ओडिशा
4. सूर्य मंदिर कोणार्क, ओडिशा
5. श्रीपद्मनाभस्वामी मंदिर तिरूअनंतपुरम, केरल
6. श्रीमहाकालेश्वर मंदिर उज्जैन, मध्यप्रदेश
7. श्रीगंगा सरस्वती मंदिर बसरा, तेलंगाना
8. एकलिंगनाथजी मंदिर, उदयपुर, राजस्थान
9. श्रीद्वारकाधीश, गुजरात
10. श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर, मथुरा
11. श्रीदक्षिणेश्वर मंदिर, कोलकाता
12. श्रीसिद्धिविनायक मंदिर, मुंबई
13. श्रीवेंकटेश्वर मंदिर, तिरूपति
14. कंधारिया महादेव मंदिर, खजुराहो
15. केदारनाथ, उत्तराखंड
16. श्रीमुरूदेश्वर स्वामी मंदिर, कर्नाटक
17. पशुपतिनाथ मंदिर, काठमांडू
18. गंगोत्री मंदिर, उत्तराखंड
19. श्रीनाथजी मंदिर, नाथद्वारा
20. ब्रह्मा मंदिर, पुष्कर :
21. बद्रीनारायण मंदिर, उत्तराखंड22.रघुनाथ
मंदिर, जम्मू
23. श्रीसोमेश्वर स्वामी मंदिर, गुजरात
24. श्री अयप्पा मंदिर, केरल
25. श्री मीनाक्षी मंदिर, मदुरै
26. श्री कृष्ण मंदिर, केरल
27. श्री रंगनाथा स्वामी मंदिर, श्रीरंगम,
तमिलनाडु
28. श्री थिल्लई नटराज मंदिर, चिदंबरम,
तमिलनाडु
29. श्री कनक दुर्गा देवी मंदिर, विजयवाडा,
आंध्रप्रदेश
30. श्री सीता रामचंद्र स्वामी मंदिर,
भद्राचलम, तेलंगाना
31. श्री नरसिम्हा मंदिर, अहोबिलम, आंध्र
प्रदेश
32. विरूपक्ष मंदिर, हम्पी, कर्नाटक
33. एकमबरेश्वर मंदिर, कांचीपुरम, तमिलनाडु
34. श्री अंबाजी मंदिर, बनासकांठा, गुजरात
35. श्री चामुंडेश्वरी मंदिर, मैसूर, कर्नाटक
36. बृहदीश्वरर मंदिर, थंजावुर, तमिलनाडु
37. होयसेलेश्वरा मंदिर, हलेबिडु, कर्नाटक
38. श्री अरूणाचलेश्वर मंदिर, तिरूवन्नामलाई,
तमिलनाडु
39. कंधारिया महादेव मंदिर, खजुराहो,
मध्यप्रदेश
40. श्री चतुर्मुख ब्रह्मलिंगेश्वर मंदिर, चेबरोलु,
आंध्र प्रदेश
41. एरावटेश्वर मंदिर, दारासुरम, तमिलनाडु
42. श्री मुरूदेश्वर स्वामी मंदिर, भटकल,
कर्नाटक
43. शीतला माता मंदिर, गुड़गांव
44. श्री मंजुनाथ मंदिर, कर्नाटक
45. श्री जोगुलंब मंदिर, तेलंगाना
46. मनसा देवी मंदिर, हरिद्वार
47. श्री चेन्नकेश्वर मंदिर, कर्नाटक
48. श्री बैजनाथ मंदिर, हिमाचल
49. कैलाशनाथ मंदिर, तमिलनाडु
50. श्री वीरभद्र मंदिर, आंध्र प्रदेश
51. श्री ग्रश्नेश्वर मंदिर, महाराष्ट्र
52. श्री कृष्ण मंदिर, कर्नाटक
53. श्री मूकम्बिका देवी मंदिर, कोल्लूर,
कर्नाटक
44. श्री वरदराजा स्वामी मंदिर, कांचीपुरम,
तमिलनाडु
55. श्री वीर वेंकट सत्यनारायण स्वामी मंदिर,
अन्नावरम्, आंध्र प्रदेश
56. श्री बैद्यनाथ मंदिर, झारखंड
57. श्री वरह लक्ष्मी नरसिम्हा स्वामी मंदिर,
सिम्हाचलम, आंध्र प्रदेश
58. श्री लिंगराज मंदिर, भुवनेश्वर
59. श्री राम लला मंदिर, अयोध्या
60. श्रीमुखलिंगेश्वर मंदिर, श्रीकाकुलम, आंध्र
प्रदेश
61. त्रिपुरेश्वरी मंदिर, उदयपुर, त्रिपुरा
62. श्री मुक्तेश्वर मंदिर, भुवनेश्वर
63. यमुनोत्री मंदिर, उत्तराखंड
64. कामाक्षी अम्मन मंदिर, कांचीपुरम,
तमिलनाडु
65. वेदनारायण स्वामी मंदिर, चित्तूर, आंध्र
प्रदेश
66. श्रीमुंडेश्वरी मंदिर, बिहार
67. वडक्कमनाथन मंदिर, केरल
68. श्रीमहालसा नारायणी देवी मंदिर, पोंडा,
गोवा
69.श्रीसूर्य मंदिर, मोधेरा, गुजरात
70. श्रीमल्लिकार्जुन स्वामी मंदिर, श्रीसैलम,
आंध्र प्रदेश
71.श्री राज माता झन्डे वाला मन्दिर शाहदरा दिल्ली
72. कामाख्या मंदिर, गुवाहाटी, असम
73. त्रयम्बकेश्वर मंदिर, महाराष्ट्र
74. रामप्पा मंदिर, तेलंगाना
75. श्रीवैकुंटनाथ स्वामी, श्री वैकुंठम,
तमिलनाडु
76. श्रीवैकोम महादेव मंदिर, केरल
77. दन्तेश्वरी मंदिर, छत्तीसगढ़
78. महानन्दीश्वर मंदिर, महानन्दी, आंध्र
प्रदेश
79. श्री महालक्ष्मी मंदिर, कोल्हापुर,
महाराष्ट्र
80. श्रीवरसिद्धि विनायक मंदिर, कनिपक्कम,
आंध्र प्रदेश
81. श्रीमुर्गन मंदिर, तमिलनाडु
82. श्रीथिरूनारायण स्वामी मंदिर, मेलकोट,
कर्नाटक
83. श्रीलक्ष्मीनारायण मंदिर, चम्बा, हिमाचल
प्रदेश
84. भद्र मारूति मंदिर, महाराष्ट्र
85. तुलजा भवानी मंदिर, महाराष्ट्र
86. श्री सलासर हनुमान मंदिर, सलासर,
राजस्थान
87. श्रीनैना देवी मंदिर, हिमाचल प्रदेश
88. मन्नारशाला श्रीनागराज मंदिर, अलप्पुझा,
केरल
89. श्रीकरमंध मंदिर, श्रीकरमम, आंध्र प्रदेश
90. श्रीशांता दुर्गा मंदिर, कावालेम, गोवा
91. जगद्पिता ब्रह्मा मंदिर, पुष्कर
92. श्रीविष्णुपद मंदिर, गया
93. श्रीबद्रीनारायण मंदिर, बद्रीनाथ
94. श्रीचौंसठ योगिनी मंदिर, ओडिशा
95. श्रीकैलाशनाथ मंदिर, एलोरा
96. श्रीमेहंदीपुर बालाजी, मेहंदीपुर राजस्थान
98. श्रीलक्ष्मी नरसिम्हा स्वामी मंदिर,
यादगिरीगट्टा, तेलंगाना
99. हनुमानधारा, चित्रकुट उत्तर प्रदेश
100. हिंगलाज माता मंदिर, बलूचिस्तान,
पाकिस्तान
101. मंचमुख हनुमान मंदिर, कराची, पाकिस्तान
102. यशोरेश्वरी, जिला खुलना, बांग्लादेश
103. श्री शबरी मंदिर गुजरात
104. शनि मंदिर, शिंगणापुर, महाराष्ट्र
105. श्रीमहाकालीका मंदिर, पावागढ़, गुजरात
106. कैलाश मानसरोवर, तिब्बत, चीन
107. बाबा अमरनाथ, कश्मीर, जम्मू और
कश्मीर
108. श्रीवेष्णोदेवी मंदिर, जम्मू, जम्मू और
कश्मीर
109. श्री गजानन महाराज, शेगांव, महाराष्ट्र
110. श्री बाबा रामदेव मंदिर, रुणिचा धाम
रामदेवरा, राजस्थान
111. श्री गोरखनाथ मंदिर गोरखिया राजस्थान ।।                
112 मकर ध्वज बाला जी धाम ब्यावर अजमेर ||                         113 डेहरु माता मन्दिर खिवसर नागौर।।

Comments

Popular posts from this blog

बेटियों के बलात्कारियों से जब माँ ने कहा "अब्दुल अली एक-एक करके करो, नहीं तो वो मर जाएंगी "।ये सच्ची घटना घटित हुई थी 8 अक्टूबर 2001 को बांग्लादेश में।अनिल चंद्र और उनका परिवार 2 बेटीयों पूर्णिमा व 6 वर्षीय छोटी बेटी के साथ बांग्लादेश के सिराजगंज में रहता था। उनके पास जीने खाने और रहने के लिए पर्याप्त जमीन थी. बस एक गलती उनसे हो गयी, और ये गलती थी एक हिंदु होकर 14 साल व 6 साल की बेटी के साथ बांग्लादेश में रहना। एक क़ाफिर के पास इतनी जमीन कैसे रह सकती है..? यही सवाल था बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिद ज़िया के पार्टी से सम्बंधित कुछ उन्मादी लोगों का।8 अक्टूबर के दिनअब्दुल अली, अल्ताफ हुसैन, हुसैन अली, अब्दुर रउफ, यासीन अली, लिटन शेख और 5 अन्य लोगों ने अनिल चंद्र के घर पर धावा बोल दिया, अनिल चंद्र को मारकर डंडो से बाँध दिया, और उनको काफ़िर कहकर गालियां देने लगे। इसके बाद ये शैतान माँ के सामने ही उस १४ साल की निर्दोष बच्ची पर टूट पड़े और उस वक्त जो शब्द उस बेबस लाचार मां के मुँह से निकले वो पूरी इंसानियत को झंकझोर देने वाले हैं।अपनी बेटी के साथ होते इस अत्याचार को देखकर उसने कहा "अब्दुल अली, एक एक करके करो, नहीं तो मर जाएगी, वो सिर्फ १४ साल की है।"वो यहीं नहीं रुके उन माँ बाप के सामने उनकी छोटी 6 वर्षीय बेटी का भी सभी ने मिलकर ब#लात्कार किया ....

एक थे राघव राम कौल काश्मीरी ब्राह्मण, जिनको गौ मांस खिला कर मुसलमान बनाया गया था! इनके पुत्र का नाम शेख इब्राहीम था। शेख इब्राहीम के पुत्र का नाम शेख अब्दुल्ला! शेख अब्दूल्ला के पुत्र का नाम फारुक अब्दूल्ला... फारुक अब्दूल्ला के पुत्र है उमर अब्दूल्ला।है राघव राम कौल का अब्दूल्ला परिवार। जब तक इनकी ताकत थी कश्मीर में इन्होंने भी लोगों

ऋषिकेश में गङ्गा किनारे चार दिन की सड़ी हुई एक ला#श मिली थी। भीड़ इकट्ठी हो गयी, पुलिस बुला ली गयी। सबने ला#श से बार बार पूछा- "ला#श! कौन हो तुम?"ला#श का मुँह सड़ गया था। वह कुछ बोल नहीं पा रही थी। भारत में पुलिस के आगे जिन्दे लोग नहीं बोल पाते, वह तो फिर भी ला#श थी। हाँ, उसके कपड़ों ने बताया- वह एक बूढ़ी बंगालन स्त्री थी।किसी ने कहा कि मुक्ति मिल गयी। किसी ने परिजनों के लिए धिक्कार की गालियां गढ़ीं। पुलिस ने चौकीदारों से ला#श को तिरपाल में लपेटवाया और ले गयी। चौकीदारों ने मन ही मन गालियां दी- "ऐसी नौकरी तो सा#ली दुश्मन को भी न मिले..."पुलिस मुख्यालय में अधिकारी महीनों तक ला#श से उसका परिचय पूछते रहे। बीच बीच में कुछ पत्रकारों ने भी पूछा, शहर की समाजसेवी संस्थाओं के लोगों ने पूछा, उस इलाके के नेताओं ने पूछा, पर कोई उत्तर नहीं मिला।इन सबने मिल कर महीनों तक कड़ियां जोड़ीं। जाँच हुई, गायब हुए लोगों का पता किया गया,अंदाजे लगाए गए। अब ला#श बोलने लायक हुई। ला#श जानती थी कि यह जादुई यथार्थवाद का युग है, सो उसने बोलने के अनुरोध को स्वीकार कर लिया। इंस्पेक्टर ने अबकी पूछा तो ला#श सुगबुगाई। पुलिस को बल मिला, इंस्पेक्टर ने पूछा- "बुढ़िया बता! किसकी ला#श है तू? ला#श बोली- "बीना दास (वीणा) को जानते हो दारोगा साहब?""कौन बीना दास? मैं नहीं जानता किसी बीना वीणा को...""पद्मश्री बीना दास! सुभाष चन्द्र बोस के गुरु बेनीमाधव दास और समाजसेवी कमला देवी की पुत्री बीना दास। वही बीना, जिसे अंग्रेज गवर्नर को गोली मारने के कारण कालापानी की सजा हुई थी। जिसने सेलुलर जेल में दस वर्ष काटे थे।"हैं,,,?? यह कौन सी कथा है रे बुढ़िया? मैंने तो कभी नाम तक नहीं सुना..." इंस्पेक्टर झुंझला गया था।ला#श ठहाके लगा कर हँसने लगी। कुछ देर बाद बोली- "कोई बात नहीं साहब! आजाद भारत क्यों याद रखे स्वतन्त्रता संग्राम को? सुख के दिनों में दुख की कथाएँ कौन गाये...""अच्छा तो तू ही बता दे उनके बारे में..." सब एक साथ चीखे।ला#श हँसी। बोली, " सुनो! बीना के पिता बंगाल के क्रांतिकारियों में प्रतिष्ठित और पूज्य थे। उसकी माँ लड़कियों के लिए विद्यालय चलाती थी। बचपन से ही उसने सुभाष बाबू को अपने घर आते देखा था और उनसे बहुत प्रभावित रहती थी।"सबकी निगाह ला#श पर जम गई थी। वह बोलती गयी, "कलकत्ता विश्वविद्यालय से उसने बीए की परीक्षा पास की थी। दीक्षांत समारोह के दिन ही उसने अपने जीवन को सार्थक करने का मन बनाया था। इस काम में उसके पिता और मां दोनों उसके साथ थे। माँ ने जाने कहाँ से ला कर उसे भरी हुई पिस्तौल दी थी।विश्वविद्यालय में डिग्री बांटने के लिए गवर्नर स्टैनली जैक्शन आया था। वह जैसे ही मंच पर खड़ा हुआ, वीणा उठ कर आगे बढ़ी, और फायर झोंक दिया। गोली गवर्नर की कनपट्टी को छूती हुई निकक गयी। वह दूसरा फायर करती तबतक इंस्पेक्टर सोहरावर्दी ने एक हाथ से उसका गला पकड़ लिया, और दूसरे हाथ से उसके पिस्तौल वाले हाथों को ऊपर उठा दिया। वह फिर भी फायर करती रही। उसके पांचों फायर बेकार गए..."सबके चेहरे पर आश्चर्य पसरा हुआ था। वे सन्न पड़े चुपचाप सुन रहे थे। लाश ने कहा, " उसके बाद केस चला, दस साल की सजा हुई। सन 1939 तक सजा काटी। छूटने के बाद फिर आंदोलनों में सक्रिय हो गयी। भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान भी जेल गयी..." "फिर?""फिर 1947 में देश आजाद हुआ तो बीना ने विवाह कर लिया। आयु 36 की हो गयी थी, पर सोचा कि अब सुखी जीवन जीने के दिन हैं... पर शायद ईश्वर को मंजूर नहीं था। पति का देहांत हुआ और फिर आगे पीछे कोई न दिखा! बीना ऋषिकेश आ गयी। एक स्कूल में पढ़ाती, उसी से खर्च चल जाता।""फिर?""फिर क्या? एक दिन आया जब उम्र देह पर भारी पड़ने लगी। पढ़ाने की शक्ति नहीं रही। कुछ दिन इधर उधर से मांग कर पेट भर लिया... और एक दिन सड़क पर चलते चलते ठोकर लगी,ऐसी गिरी कि उठ न सकी... वहीं से निकल ली।""ओह... हे भगवान! तुम.. आप वही हैं?"" हाँ जी! पर दुखी मत